कल रात के खाने के बाद एक news सुनी ke lockdown की वजह से 11 साल की एक गरीब बच्ची जो कई दिन पैदल चलने के बावजूद भी अपने गाँव नहीं पहुँच पायी क्यूँकि भूख और प्यास ने उसकी जिंदगी ही छीन ली। news हम तक पहुंचाने वाले तो ये कह कर break पर चले गए कि मिलते हैं एक छोटे से ब्रेक के बाद.....
और मै सोचती रही.. ब्रेक के बाद वो तो वापस आ भी जाएंगे लेकिन क्या उस बच्ची और उसके घरवालों का ब्रेक जो उस बच्ची की मौत ने लगाया है! वो ये जिंदगी कभी ख़त्म भी कर पाएगी.....!!! नहीं अब तो बस सिर्फ़ एक कहानी रह गई है ......
जो बार बार और ना जाने कितनी बार बयान होगी यहां पर लता मंगेशकर जी का एक गीत याद आ गया
हमारे बाद महफिल में फिर अफसाने बयाँ होंगे
बहारें हम को ढूंढेंगी ना जाने हम कहाँ होंगे!!
और मै सोचती रही.. ब्रेक के बाद वो तो वापस आ भी जाएंगे लेकिन क्या उस बच्ची और उसके घरवालों का ब्रेक जो उस बच्ची की मौत ने लगाया है! वो ये जिंदगी कभी ख़त्म भी कर पाएगी.....!!! नहीं अब तो बस सिर्फ़ एक कहानी रह गई है ......
जो बार बार और ना जाने कितनी बार बयान होगी यहां पर लता मंगेशकर जी का एक गीत याद आ गया
हमारे बाद महफिल में फिर अफसाने बयाँ होंगे
बहारें हम को ढूंढेंगी ना जाने हम कहाँ होंगे!!
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